Haryana and Punjab Ghaggar River: हरियाणा और पंजाब के किसानों ने घग्गर नदी के टूटे तटबंधों पर निर्णय !

Haryana and Punjab Ghaggar River: घग्गर नदी के टूटे तटबंधों को लेकर हुई हरियाणा व पंजाब के किसानों की अहम बैठक, लिया फैसला

  • किसान नेता बोलेः जो बांध 20 दिनों से सरकारों से नहीं बना उसे अब किसान अब खुद बनाएंगे

अम्बाला समेत पंजाब के सीमावर्ती गांवों में आई प्राकृतिक आपदा से नग्गल क्षेत्र समेत थाना सदर क्षेत्र के गांव में भी बाढ़ ने विकराल रूप दिखाते हुए न सिर्फ किसानों की फसलें तबाह कर दी हैं, बल्कि मजदूर वर्ग ने जो अनाज साल भर के लिए मेहनत मजदूरी करके जुटाया था वह भी फ्लड की भेंट चढ़ गया है। जिसका मुख्य कारण घग्गर नदी के बांध का 4 जगह से टूटना बताया जा रहा है।

Haryana and Punjab Ghaggar River

Haryana and Punjab Ghaggar River

इसी के चलते शनिवार को अम्बाला के गांव सुकर के गुरुद्वारा साहिब में बाढ़ प्रभावित अम्बाला और पटियाला जिला के सैंकड़ों किसानों की एक बैठक हुई, जिसमें किसानों ने बाढ़ के कारणों पर विचार- विमर्श किया।

इस दौरान भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने बैठक में भाग ले रहे किसानों से बातचीत की करते हुए कहा कि अम्बाला और पंजाब के सीमावर्ती गांवों को डूबोने वाली घग्गर नदी है। जिसके 4 स्थानों से बांध टूट गए हैं।

नदी के तटबांधों को बनाने का काम रविवार (30 जुलाई) से किसान अब अपने स्तर पर शुरू कर देंगे। उन्होंने आगे बताया कि यह बांध 4 स्थानों से टूटे हुए हैं। जिन्हें किसानों के सहयोग से तैयार किया जाएगा। मोहड़ी ने किसानों से आह्वान किया है कि वह समर्थ अनुसार ट्रैक्टर ट्राली लेकर गांव से ही थैलों में मिट्टी भरकर लेकर आएं।

मीटिंग के दौरान किसानों ने कहा कि बारिश हुई और पानी नदी में आया तो बांध के कमजोर होने के चलते वह टूट गया। वहीं कुछ लोग भी बाढ़ के पानी में अकाल मृत्यु का ग्रास बन गए। जिसकी जिम्मेदार दोनों राज्यों की सरकारें हैं।

पंजाब के किसान

किसान नेता अमरजीत मौहड़ी ने कहा है कि अगर दोनों ही प्रदेशों की सरकारों ने इस ओर ध्यान दिया होता तो आज इतना नुक्सान नहीं होता। घग्गर नदी का बांध बेशक पंजाब है कि इस बार जब भी पहाड़ों में क्षेत्र में है। लेकिन इसका सीधा असर अम्बाला हलके के किसानों पर पड़ा है। वहीं पंजाब के किसान भी इससे अछूते नहीं हैं।

बैठक में हरियाणा और पंजाब के इन गांवों ने लिया हिस्सा

किसानों द्वारा बुलाई गई आपातकाल इस मीटिंग में पंजाब के गांव दडवा, मारीयां, हरपालां, रामपुर, लोहसिम्बली समेत आसपास के करीब एक दर्जन गांव के किसानों ने भाग लिया। वहीं हरियाणा के सुल्लर, भड़ी, अहमों, खैरा, नडियाली, कुर्बानपुर, पंजोखरा साहिब गरनाला, चौड़मस्तपुर समेत नग्गल हलके के करीब 2 दर्जन गांवों के निवासियों ने हिस्सा लिया है।

किसानों की सरकार से मांग

इसके साथ ही किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों की फसल बाढ़ में तबाह हो गई है, उन्हें जल्द से जल्द 50 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।