देश में विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को लेकर प्रयास तेज़ हो गए हैं। हाल के दिनों में कई बैठकों में साझा रणनीति और न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा हुई है। नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होना जरूरी है।
हालांकि, सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्षी एकता की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे आपसी मतभेदों को कितना सुलझा पाते हैं। जनता भी इस गठबंधन को लेकर सतर्क नजर रखे हुए है।






