फतेहाबाद: सावधान! सफेद बालों और मासूम चेहरे के पीछे भी ठगी का ‘मास्टरमाइंड’ छिपा हो सकता है। फतेहाबाद में एक बुजुर्ग दंपत्ति ने ‘सपनों का आशियाना’ बेचने के नाम पर ऐसा जाल बुना कि एक शख्स के 18.75 लाख रुपये डकार गए। जिस मकान को ‘गंगा जैसा पवित्र और बेदाग’ बताकर सौदा किया गया, उसकी असलियत खुली तो पैरों तले जमीन खिसक गई—मकान पर पहले से ही 17 लाख का बैंक लोन बकाया था। जब रजिस्ट्री की बारी आई तो बुजुर्ग ‘बंटी-बबली’ गायब हो गए, लेकिन अब फतेहाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ते ही इनकी सारी चतुराई धरी की धरी रह गई है।”
जानिए पूरा मामला
शहर फतेहाबाद पुलिस ने प्रॉपर्टी सौदे में धोखाधड़ी करने के आरोप में एक बुजुर्ग दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान प्रेमचंद और उसकी पत्नी कमलेश देवी के रूप में हुई है, जो अग्रवाल कॉलोनी, वार्ड नंबर 18 के निवासी हैं।
जानिए👉धोखे की पूरी कहानी:
मामले का खुलासा तब हुआ जब डी.सी. कॉलोनी निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। अशोक कुमार के अनुसार, उन्होंने कमलेश देवी के साथ 14 मई 2025 को अग्रवाल कॉलोनी स्थित 5 मरला 4 सरसाई के एक मकान का सौदा 69,51,000 रुपये में तय किया था। भरोसे के आधार पर शिकायतकर्ता ने आरोपियों को कुल 18 लाख 75 हजार रुपये अदा किए, जिसमें 15 लाख रुपये चेक के जरिए और 3.75 लाख रुपये नकद दिए गए थे।
बैंक लोन छिपाकर किया फर्जीवाड़ा:
हैरानी की बात यह है कि इकरारनामे के समय आरोपियों ने लिखित में मकान को पूर्णतः ‘भारमुक्त’ (ऋण मुक्त) दर्शाया था। लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि उक्त मकान पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का लगभग 17 लाख रुपये का कर्ज पहले से ही बकाया था। 25 अगस्त 2025 को रजिस्ट्री की तारीख तय थी, लेकिन आरोपी न तो तहसील पहुंचे और न ही बाद में रजिस्ट्री करने को तैयार हुए।
पुलिस की सख्त कार्रवाई:
शहर थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की। जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने अभियोग संख्या 397 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 316(2), 318(4), 61(2) और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी प्रेमचंद और कमलेश देवी को काबू कर लिया है।
सफेद बाल और काली नीयत:: प्रॉपर्टी के नाम पर बुजुर्ग ‘बंटी-बबली’ का खेल: बैंक से लोन वाला मकान बेचकर डकारे 18.75 लाख, फतेहाबाद पुलिस ने दंपत्ति को दबोचा






