फतेहाबाद: “पापा-मम्मी आपने फर्ज से ज्यादा किया, लेकिन मेरी मेंटल हेल्थ ठीक नहीं है…” ये वो आखिरी अल्फाज थे जो अग्रवाल कॉलोनी के 33 वर्षीय अनमोल बंसल ने मौत को गले लगाने से पहले लिखे। आठ साल पहले प्रेम विवाह की बेड़ियों में बंधा खुशहाल परिवार सोमवार को उस वक्त बिखर गया, जब एक हंसते-खेलते घर के चिराग ने मानसिक तनाव के आगे घुटने टेक दिए। पीछे छोड़ गया तो बस दो पन्नों का वो सुसाइड नोट, जिसमें पत्नी के लिए बेपनाह मोहब्बत, बेटे के भविष्य की चिंता और अपनी बीमारी का दर्द झलकता है।
यह है पूरा मामला: अग्रवाल कॉलोनी में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक 33 वर्षीय युवक ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक अनमोल बंसल, जो पेशे से नर्सिंग स्टाफ था, ने आठ साल पहले प्रेम विवाह किया था और उसका एक पांच वर्षीय बेटा भी है। सुसाइड से पहले लिखे दो पन्नों के भावुक पत्र में अनमोल ने अपनी पत्नी के प्रति अगाध प्रेम जताया और अपने माता-पिता से बेटे व पत्नी का ख्याल रखने की गुहार लगाई। यह घटना तब उजागर हुई जब उसकी पत्नी बैंक से लंच के लिए घर लौटी।
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सुसाइड नोट का पहला पन्ना: पत्नी और बेटे के नाम
अनमोल के “सुसाइड नोट के भावुक अंश:
“डुगू को संभाल लोगी, मुझे आप पर पूरा ट्रस्ट है”
अनमोल ने अपनी पत्नी के प्रति गहरा विश्वास जताते हुए लिखा— “डियर वाइफ, आप जैसा न कोई था, न कोई होगा। जब से आप प्रेग्नेंट थी, तब से लेकर अब तक डुगू को आपने ही संभाला है। आपने ही उसकी केयर की और मुझे आप पर पूरा ट्रस्ट है कि फ्यूचर में भी आप उसे संभाल लोगी।” उसे मेरी कमी महसूस मत होने देना”, “प्लीज डुगू को अच्छे से स्टैंड करना। उसका फ्यूचर सिक्योर करना और उसे मेरी कमी फील मत होने देना। मुझे पता है कि वह मेरे बारे में बहुत बार पूछेगा, पर आप उसे समझा देना, “इसी घर में मम्मी-पापा के साथ मिलकर अच्छे से रहना। मेरे बाद यह घर आप दोनों का ही है। डुगू को दादू से बहुत लगाव है। अपना और डुगू का ख्याल रखना और दूसरी शादी मत करना, बस डुगू के लिए रहना। आई लव यू डियर वाइफ।”
सुसाइड नोट (पेज-2) के मम्मी पापा के लिए मर्मस्पर्शी अंश:
“आपने फर्ज से ज्यादा किया, मैंने हमेशा तकलीफ दी”
अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए अनमोल ने लिखा— “पापा-मम्मी, आप सबने मेरे लिए वो सब किया जो एक मां-बाप का फर्ज होता है। बल्कि उससे कहीं ज्यादा ही किया, पर मेरे काम ऐसे नहीं थे, मैंने हमेशा आपको तकलीफ दी है।”मेरी पिछले कुछ दिनों से मेंटल हेल्थ ठीक नहीं चल रही। दिल और दिमाग में बहुत से ऐसे ख्याल आते हैं, पता नहीं क्यों, खुद के अंदर कुछ भी करने की हिम्मत ही नहीं हो रही है।””मैं यह जो स्टेप (कदम) उठाने जा रहा हूं, इसका जिम्मेदार मैं खुद हूं। मेरी मां, बाप, भाई या पत्नी गूंजन का कोई इंवॉल्वमेंट नहीं है। प्लीज मेरे जाने के बाद किसी को परेशान न किया जाए और सबको अपनी रूटीन लाइफ जीने दी जाए।”मम्मी-पापा, प्लीज गूंजन और डुगू का ध्यान रखना और उन्हें यहीं इसी घर में अपने साथ रखना।”






