भुना (फतेहाबाद): भुना सहित कई इलाके में अपनी दहशत और सोशल मीडिया पर खौफ का पर्याय बनने की कोशिश कर रहे ‘भांभू गैंग’ पर कड़ा प्रहार करते हुए भुना पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने युवक के अपहरण, बर्बरतापूर्ण मारपीट और सनसनीखेज हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना विक्रम भांभू के सबसे करीबी, खासमखास और मुख्य सिपहसालार जगजीत उर्फ जज उर्फ ज्ञानी को धर दबोचा है। धमीजा कॉलोनी (हिसार रोड, भुना) का रहने वाला जगजीत उर्फ जज इस गैंग का मुख्य चेहरा है, जिस पर पहले से ही हत्या सहित करीब 6 से 7 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सोशल मीडिया पर सरगना विक्रम भांभू के साथ इसकी जुगलबंदी के वीडियो और रील अक्सर इलाके में खौफ और धौंस जमाने के लिए वायरल होते रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।
: रील से खौफ और सरगना का ‘राइट हैंड’ — कौन है जगजीत उर्फ जज?
गैंग का मुख्य सिपहसालार: जगजीत उर्फ जज गैंग का कोई आम सदस्य नहीं, बल्कि भांभू गैंग के सरगना विक्रम भांभू का सबसे खासमखास और ‘राइट हैंड’ माना जाता है। माना जाता है कि गैंग के हर बड़े और दुस्साहसिक कारनामे के पीछे इसी का दिमाग और हाथ होता है।
सोशल मीडिया पर दहशत का खेल: जगजीत अक्सर सरगना विक्रम भांभू के साथ ख़ौफ की नुमाइश करते हुए और धौंस जमाते हुए वीडियो व रील सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। इन वीडियो का मकसद इलाके में गैंग का खौफ पैदा करना और वर्चस्व कायम करना था।
खूंखार आपराधिक इतिहास: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए इस आरोपी पर पहले से ही हत्या (मर्डर), जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट जैसे करीब 6 से 7 गंभीर आपराधिक मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं, जो इसके शातिर और खूंखार होने की गवाही देते हैं।
यह था मामला::
इस खूनी वारदात की पृष्ठभूमि भुना के वार्ड नंबर 5 की है। थाना भुना प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र ने बताया कि मृतक सचिन के चाचा कृष्ण कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सचिन अपने दोस्तों पवन और रोहित के साथ मोटरसाइकिल पर घर लौट रहा था। इसी दौरान भांभू गैंग के गुर्गों ने कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फिल्मी अंदाज में उसका पीछा किया। गैंग के बदमाशों ने सचिन का अपहरण कर लिया और सुनसान जगह पर ले जाकर उस पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
गैंग की इस बर्बरता के कारण सचिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। उसे पहले भुना के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हिसार रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में सचिन ने दम तोड़ दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए थाना भुना में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं—190, 191(2), 191(3), 140(1), 103(1) (हत्या), 111 एवं 61(2) के तहत केस दर्ज किया था।






