फतेहाबाद:कहते हैं ‘दोस्त ऐसा हो जो जेब भर दे, पर रिश्तेदार ऐसा न हो जो रास्ते में ही खाली करवा दे!’ राजस्थान के सालासर की शांत सड़कों से लेकर हरियाणा के हाईवे तक महज 30 घंटे के भीतर फिल्मी अंदाज में गोलियां बरसाने वाले 4 नकाबपोश लुटेरे अब पुलिस की ‘खास मेहमाननवाजी’ का लुत्फ उठा रहे हैं। मजेदार बात देखिए—राजस्थान की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ठेके की सीसीटीवी फुटेज देखते-देखते जब तक बदमाशों तक पहुंचती, उससे चंद मिनट पहले फतेहाबाद CIA ने राजस्थान की सीमा में ही घुसकर चारों को दबोच लिया। राजस्थान पुलिस बेचारी देखते ही रह गई और सीआईए के पीछे-पीछे फतेहाबाद तक आ पहुंची कि ‘भाई, मुल्जिम तो हमारे वाले थे!’
सालासर में ‘फ्री की दारू’ और सिर पर बोतल का प्रसाद
फिल्म की शुरुआत हुई 4 सितंबर की दोपहर, सालासर-सीकर रोड पर। एक बिना नंबर की कार ठेके के आगे आकर ऐसे रुकी मानो कोई VIP उतरा हो। गाड़ी से उतरे 4 नकाबपोश—किसी ने टोपी तो किसी ने साफा बांध रखा था। सेल्समैन सुरेंद्र के पास जाकर बड़े प्यार से शराब की बोतल मांगी। सुरेंद्र जैसे ही बोतल निकालने मुड़ा, बदमाशों ने कनपटी पर देसी कट्टा भिड़ा दिया और चारपाई पर दबा लिया। गल्ले से ₹13,500 समेटे और जाते-जाते जो बोतल पीने के लिए मांगी थी, वही सुरेंद्र के सिर पर फोड़ दी। यानी लूट की लूट और मुफ्त का सिरदर्द! हरियाणवी में गालियां बकते हुए बदमाश हवा हो गए।
उधार भी मैं ही दूंगा, और लुटवाऊंगा भी मैं ही!’
सालासर में वारदात कर बदमाश सीधे हरियाणा बॉर्डर पार कर गए। 5 सितंबर की शाम आदमपुर निवासी संदीप अपने साथियों के साथ बड़ोपल में पेट्रोल पंप के डीजल का बकाया चुकाने निकला। तभी बदमाशों ने गाड़ी घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और ₹7.47 लाख लूट लिए। जब सीआईए ने संदीप से पूछा कि “भाई, इतने पैसे एकदम से लाए कहां से?”, तो उसने भोलेपन से कहा—”रिश्तेदार से उधार लिए थे।” बस, यहीं कहानी में ट्विस्ट आ गया! पुलिस ने रिश्तेदार की कुंडली खंगाली तो पता चला महाशय 25 दिन पहले ही जेल काटकर आए हैं। पुलिस ने दो सवाल कड़ाई से क्या पूछे, रिश्तेदार ने सारा सच उगल दिया। जेल में हांसी-दुर्जनपुर के इन शातिर बदमाशों से उसकी ‘यारी’ हुई थी। इधर संदीप को उसने पैसे उधार दिए, उधर जेल के ‘लंगोटिया यारों’ को फोन खड़का दिया कि—”बकरा निकल चुका है, लूट लो!”
STF देखती रह गई, CIA बाजी मार गई
जब तक राजस्थान एसटीएफ और पुलिस सीसीटीवी के सहारे सुराग तलाशती, फतेहाबाद सीआईए ने राजस्थान में ही दबिश देकर चारों को धर दबोचा। बदमाशों पर पहले से 6 से 8 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से करीब ढाई लाख कैश बरामद कर लिया है। अब चारों सलाखों के पीछे बैठकर सोच रहे हैं कि ₹13,500 की लूट और वो फोड़ी हुई बोतल इतनी भारी पड़ेगी कि सीधे जेल का रास्ता दिखाएगी! एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि लूट मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होगी, चारों आरोपी 4 दिन के रिमांड पर लिए गए है।
30 घंटे, 2 राज्य और 4 ‘शराबी’ लुटेरे: रिश्तेदार ने पहले उधार दिए रुपये, फिर पीछे दौड़ा दिए ‘जेल के लंगोटिया यार’; राजस्थान STF हाथ मलती रह गई और फतेहाबाद CIA बाजी मार ले गई!





