अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, जिससे आने वाले दिनों में भारत समेत हरियाणा में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में वृद्धि होने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की आपूर्ति में अनिश्चितता, उत्पादन कटौती और भू-राजनीतिक तनाव इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं।
तेल की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय पर हुआ है जब परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें पहले ही बढ़ रही हैं। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो इसका असर परिवहन लागत, कृषि और औद्योगिक उत्पादन पर पड़ेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डीज़ल की महंगाई से माल ढुलाई और बस सेवाओं की कीमतों में भी इजाफा होगा। सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार कदम उठा सकती है।






