— फतेहाबाद CIA का बड़ा एक्शन: राजस्थान रॉयल्स vs गुजरात टाइटंस मैच पर लग रहा था ऑनलाइन दांव, आईफोन और नकदी बरामद —
फतेहाबाद: आईपीएल का रोमांच जहां क्रिकेट फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है, वहीं सट्टेबाजों का सिंडिकेट भी एक्टिव है। लेकिन फतेहाबाद पुलिस ने इस अवैध खेल पर ऐसा ‘योर्कर’ मारा है कि सट्टेबाज चारों खाने चित हो गए। मोहम्मदपुर रोही के सुनसान खेतों में, मोबाइल की स्क्रीन और लाइट की रोशनी के बीच चल रहे हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का अपराध जांच शाखा (CIA) ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 3 सट्टेबाजों (बुकी) को रंगे हाथों दबोचकर उनके पास से आईफोन, सट्टे का हिसाब-किताब और नकदी बरामद की है।
👥 हवालात पहुंचे 3 सट्टेबाज, ये हैं उनके नाम
CIA फतेहाबाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
हितेश कुमार उर्फ हन्नी (पुत्र दिनेश कुमार) — निवासी गली नंबर-3, डीएसपी रोड, फतेहाबाद।
अमन जांगू (पुत्र रूलिया राम) — निवासी मोहम्मदपुर रोही, जिला फतेहाबाद।
संदीप उर्फ गोलू (पुत्र पूर्ण चंद) — निवासी शक्ति नगर, गर्ल्स स्कूल के सामने, फतेहाबाद।
🕵️♂️ मुखबिर की ‘गूगली’ पर पुलिस का ‘कैच’: ऐसे जाल में फंसे आरोपी
CIA फतेहाबाद के प्रभारी उप-निरीक्षक वेदपाल ने बताया कि पुलिस टीम नया बस अड्डा, मोहम्मदपुर रोही के पास गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि मोहम्मदपुर रोही निवासी मनजीत सिंह के खेत में बने कमरे के बाहर खुले मैदान में कुछ युवक मोबाइल पर राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगवा रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रेडिंग पार्टी तैयार की और बिना वक्त गंवाए बताए गए ठिकाने पर गुप्त रूप से दबिश दे दी। पुलिस को देखकर आरोपियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
बरामदगी: आईफोन, 5 मोबाइल और सट्टे का पूरा ‘बहीखाता’
जब पुलिस ने मौके पर मौजूद आरोपियों की तलाशी ली, तो सट्टेबाजी का पूरा सेटअप सामने आ गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
01 प्रीमियम आईफोन (iPhone)
04 अन्य एंड्रॉइड मोबाइल फोन (कुल 5 मोबाइल)
01 रजिस्टर (जिसमें सट्टेबाजी का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था)
01 पेन और 3,710 रुपये की सट्टा राशि
गैंबलिंग एक्ट के तहत केस दर्ज: इंचार्ज
‘द हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 2025’ की धारा 3 के तहत अभियोग संख्या 211/2026 दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद नियमानुसार आरोपियों को पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई तक जाने के लिए जांच में जुटी है।
शीशपाल, इंचार्ज, बड़ोपल चौकी।






