फतेहाबाद : नाबालिगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली कुप्रथाओं के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कड़ा हंटर चलाया है। समाज के ठेकेदारों और कानून को ठेंगा दिखाने वाले माता-पिता पर शिकंजा कसते हुए थाना सदर फतेहाबाद पुलिस ने एक बड़ी और अनोखी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के की शादी संपन्न करवाने के आरोप में दूल्हे की मां और दुल्हन के माता-पिता (समधी-समधन और समधिन) तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
फेरे पूरे होते ही अचानक पहुंची पुलिस
थाना सदर फतेहाबाद के प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद ने मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि कार्यालय संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी फतेहाबाद की प्रभारी रेखा अग्रवाल को एक गुप्त इनपुट मिला था। सूचना थी कि गाँव बीघड़ की रहने वाली परमजीत कौर अपने नाबालिग बेटे की शादी आजाद नगर के बलदेव सिंह की बेटी से करवा रही है।
जब तक प्रशासनिक और पुलिस की संयुक्त टीम बीघड़ रोड स्थित ढाणी में चल रहे शादी समारोह में पहुंचती, तब तक सात फेरे और शादी की मुख्य रस्में पूरी हो चुकी थीं। टीम ने तुरंत दूल्हे के स्कूल सर्टिफिकेट जांचे, तो सबके होश उड़ गए। रिकॉर्ड के मुताबिक दूल्हे की जन्मतिथि 14 अक्टूबर 2008 थी, यानी उसकी उम्र महज 17 साल 6 महीने थी। टीम ने मौके पर ही इस गैर-कानूनी बाल विवाह के बाद की आगे की रस्मों और विदाई को रुकवा दिया।
कानून के शिकंजे में आए तीनों मुख्य किरदार
बाल विवाह निषेध अधिकारी की विस्तृत रिपोर्ट, शादी के कार्ड, तस्वीरों और स्कूल प्रमाण पत्रों के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना सदर फतेहाबाद में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की धारा 10 व 11 के तहत मुकदमा नंबर 193/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद तफ्तीशी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीन आरोपियों को दबोच लिया, जिसमे लड़के की माता परमजीत कौर (निवासी गाँव बीघड़) और लड़की के पिता बलदेव सिंह (निवासी आजाद नगर) और लड़की की माता कैलाश देवी (निवासी आजाद नगर) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद थाने लाकर तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत पूछताछ पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन मामले की कानूनी जांच अभी भी पूरी कड़ाई से जारी है।






