फतेहाबाद | “नमस्ते, मैं फतेहाबाद पुलिस फीडबैक सेल से बोल रहा हूँ… आपकी शिकायत पर जो कार्रवाई हुई, क्या आप उससे संतुष्ट हैं?” यह एक सवाल आज फतेहाबाद जिले के हर उस नागरिक से पूछा जा रहा है जिसने मदद के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन, IPS के विजनरी नेतृत्व में फतेहाबाद पुलिस ने तकनीक और पारदर्शिता का ऐसा मेल पेश किया है, जिसकी रेटिंग आज जनता खुद 5-Star देकर कर रही है।
📊 2025 का ‘परफॉरमेंस इंडेक्स’: आंकड़ों की ज़ुबानी सफलता
वर्ष 2025 फतेहाबाद पुलिस के लिए केवल आंकड़ों का साल नहीं, बल्कि ‘जन-विश्वास’ का साल रहा है:
शिकायत निस्तारण: कुल 19,091 शिकायतों में से 18,711 का सफलतापूर्वक निपटारा।
पर्सनल फीडबैक: 17,186 शिकायतकर्ताओं को व्यक्तिगत फोन कॉल कर उनकी राय जानी गई।
QR कोड रेटिंग: थानों में लगे QR कोड के जरिए 4.88/5 की ऐतिहासिक औसत रेटिंग।
पब्लिक मुहर: लगभग 95.6% नागरिकों ने पुलिस की कार्यशैली पर पूर्ण संतुष्टि जताई।
💡 ‘फतेहाबाद मॉडल’ के 3 क्रांतिकारी स्तंभ
1. हरियाणा की पहली ‘QR कोड’ फीडबैक क्रांति:
SP सिद्धांत जैन की सोच का ही परिणाम था कि फतेहाबाद तकनीक के जरिए जनता से जुड़ने वाला प्रदेश का पहला जिला बना। इस ‘फीडबैक सिस्टम’ की सफलता को देखते हुए ही हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ने इसे पूरे राज्य में लागू करने के आदेश जारी किए।
2. SP का सीधा ‘जन-संवाद’:
सिर्फ रिपोर्ट पर निर्भर न रहकर, SP सिद्धांत जैन प्रतिदिन स्वयं 4 शिकायतकर्ताओं को अपने कार्यालय बुलाते हैं। आमने-सामने बैठकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि थाने के स्तर पर कोई लापरवाही या दुर्व्यवहार तो नहीं हुआ। यह सीधी जवाबदेही अधीनस्थ अधिकारियों को संवेदनशील बना रही है।
3. ‘संतुष्टि नहीं, तो केस क्लोज नहीं’:
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि यदि कोई नागरिक असंतुष्ट पाया जाता है, तो उसकी फाइल बंद नहीं होती। उसे दोबारा संबंधित थाना और पर्यवेक्षण अधिकारी (Supervising Officer) के पास भेजा जाता है, ताकि न्याय की शत-प्रतिशत गारंटी हो सके।
🛡️ अपराधियों में खौफ, आमजन में विश्वास
पदभार संभालते ही SP सिद्धांत जैन ने स्पष्ट कर दिया था कि पुलिस की असली ताकत आंकड़ों में नहीं, जनता के भरोसे में है। आज फतेहाबाद पुलिस “जन सेवा, जन विश्वास और जन सुरक्षा” की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है। नेतृत्व की इस स्पष्ट सोच ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस अपराधियों के लिए वज्र जैसी कठोर और आमजन के लिए मित्र जैसी कोमल हो सकती है।
”हमारा लक्ष्य केवल केस सुलझाना नहीं, बल्कि पीड़ित के मन से डर निकालना और उसे यह अहसास दिलाना है कि कानून उसके साथ खड़ा है। फीडबैक सेल हमारी कार्यप्रणाली का दर्पण है।”
— सिद्धांत जैन, IPS (पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद)
खाकी का ‘डिजिटल रिपोर्ट कार्ड’: क्या आप पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं? SP सिद्धांत जैन की फीडबैक सेल ने हरियाणा में पेश की मिसाल






