फतेहाबाद। जिले के गांव पीली-मंदोरी में दो किशोरों को घर के भीतर नरमे (कपास) की ढेरी में छिपाकर रखने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में कार्रवाई तेज करते हुए अब बच्चों के रिश्ते में लगने वाले दो चाचा का नाम अब एफआईआर में नामजद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में पहले आरोपी चाची को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पिता के बयान पर बढ़ी आरोपियों की मुश्किलें
पुलिस ने यह नई एफआईआर पीड़ित बच्चों के पिता के ताजा बयानों के आधार पर दर्ज की है। पिता ने बच्चों के रिश्ते में लगने वाले दोनों चाचा पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी ताकि इस वारदात के पीछे के असली मकसद का खुलासा हो सके।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 28 दिसंबर को शुरू हुआ था, जब पीली-मंदोरी गांव के रहने वाले 14 साल के दो किशोर अचानक रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिजनों ने रातभर उनकी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला।
डॉग स्क्वॉयड की मदद: अगले दिन पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड की मदद ली। खोजबीन के दौरान पुलिस टीम विनोद और सुनीता (बच्चों के चाचा-चाची) के घर पहुंची।
नरमे की ढेरी से बरामदगी: पुलिस तब दंग रह गई जब दोनों किशोर घर की कोठड़ी में रखी नरमे (कपास) की ढेरी के नीचे दबे मिले।
चाची की गिरफ्तारी: बच्चों ने आरोप लगाया कि उनकी चाची ने उन्हें वहां छिपाकर रखा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चाची सुनीता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बयानों के बाद कार्रवाई तेज
कपास की ढेरी से सुरक्षित निकाले जाने के बाद बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया। कमेटी के सामने दिए गए बयानों और पिता के हस्तक्षेप के बाद अब परिवार के ही दो अन्य सदस्यों (चाचाओं) को इस मामले में नामजद किया गया है।
ग्रामीण इस घटना के बाद से स्तब्ध हैं और पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या बच्चों को किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बंधक बनाया गया था।
पीली-मंदोरी में बच्चों को कपास में छिपाने का मामला, अब दो चाचा पर भी गिरी गाज; एफआईआर में हुए नामजद






