फतेहाबाद: जिले व प्रदेश में आए दिन लापरवाही से वाहन चलाने से हुए हादसों के चलते जहां पुलिस मामला दर्ज करती है तो वही कोर्ट वाहन चालक को सजा के रुप में जुर्माना तो सजा तक सुनाती है, लेकिन फतेहाबाद में अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक लापरवाही से वाहन चलाने से हुए नाबालिग से हुए हादसे के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सजा के रुप में सबक नुमा ऐसा फैसला सुनाया है। जिससे उन वाहन चालकों के लिए सीख मिलेगी, जो ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए लापरवाही से वाहन चलाते है और दूसरे के लिए हादसे की वजह बनते हैं। जी हां, फतेहाबाद के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने एक नाबालिग से हुए सड़क हादसे पर
चौक पर खड़े होकर ट्रैफिक नियमों के प्रति लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों को जागरूक करने की सजा सुनाई है।
3 महीने तक चौक पर खड़ा होकर करेगा जागरूक
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग को आदेश दिए है कि वह चौक पर 3 महीने तक खड़े होगा और ट्रैफिक नियमों को लेकर अनदेखी कर रहा है तो उसके पास जाकर उसे ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक करेगा। नाबालिग की निगरानी ट्रैफिक पुलिस करेगी और वह ट्रैफिक पुलिस देखरेख में वाहन चालकों को जागरूक करेगा। इस सजा के बाद नाबालिग को फतेहाबाद के लालबत्ती चौक पर सजा के रुप में तैनात किया गया है और वह चौक हर रोज 3 घंटे तक रहता और सिग्नल तोड़ने वालों व अन्य लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक कर रहा है। सजा अनुसार वह रोज सुबह 11 बजे लालबत्ती चौक पर पहुंचता है और 11 से 2 बजे तक तैनात रहता है। वह पिछले 20 दिनों से लगातार अपनी सजा के अनुसार चौक पर तैनात है।
हर दिन रजिस्टर में दर्ज करनी होगी हाजिरी
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा सुनाई गई सजा के अनुसार ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिए गए है कि उक्त नाबालिग सुनाई गई सजा पर अमल करते हुए निर्धारित किए गए चौक पर आ रहा है या नहीं। पुलिस को जहां हाजिरी लेने के लिए कहा है और नाबालिग को निर्धारित चौक पर आते ही अपनी हाजिरी रजिस्टर में दर्ज करने के लिए कहा है। सजा का तय 3 महीने का समय पूरा होने के बाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा हाजिरी रजिस्टर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में दिया जाएगा। जिससे यह पता लगेगा कि सबक रुपी दी गई सजा के समय अनुसार उसने अपना काम किया या नहीं। उसके अनुसार ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड अपना अगला फैसला सुनाएगी।
जागरूकता के साथ उससे हुए हादसे की कहानी भी सुना रहा नाबालिग
एक तरफ नाबालिग को वाहनों चालकों को ट्रैफिक नियम के प्रति जागरूक कर रहा है तो वही नाबालिग से ट्रैफिक नियमों के प्रति लापरवाही कितनी कैसे भारी पड़ जाती है।इस संबंध में नाबालिग खुद से वाहन चलाते समय हुए हादसे की कहानी बारे बताते हुए सभी को समझा रहा है। जिससे उससे हुई गलती से दूसरों को सबक मिल सके। नाबालिग को क्यू ऐसी सजा मिली, इस बारे में दूसरे वाहनों को जागरूक करते हुए नाबालिग कहता है कि वह सदर इलाके के एक गांव का रहने वाला है और वह इस महीने 17 साल का होने वाला है और पिछले साल उसकी साढ़े 16 थी तो वह वर्ष 2025 जुलाई माह अपने घर से पिता का बाइक लेकर अकेले अपने खेत जाने के लिए निकला तो वह खुद बाइक चलाते हुए घर से एक किलोमीटर दूर पहुंचा तो इस दौरान सड़क पर दो बुजुर्ग महिला व उनके साथ बच्चे दिखाई दिए। जैसे ही वह सड़क क्रॉस कर रहे थे तो अचानक उसकी बाइक बुजुर्ग महिला में जा लगी। जिससे बुजुर्ग महिला के पांव टूट गया तो उसे खुद भी सिर पर चोट लगी। इस पर उसके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। दो महीने तक अस्पताल में रहा तो दिसंबर माह में उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया। नाबालिग जागरूक करते हुए दूसरे वाहन चालकों को कहता है कि जैसा उसके साथ हुआ, वह किसी दूसरे के साथ न हो, इसलिए ट्रैफिक नियमों की पालन करे।






