टोहाना (फतेहाबाद):कहते हैं एक पिता अपने बच्चों की खुशियों के लिए आसमान के तारे तोड़ लाने की हिम्मत रखता है, लेकिन टोहाना के गांव समैण निवासी सुखविंद्र सिंह को क्या पता था कि जिस रास्ते पर वो अपने बेटे को भेज रहे हैं, वो खुशियों का नहीं बल्कि ‘नरक’ का रास्ता है। विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने न केवल उनके 35 लाख रुपये डकार लिए, बल्कि उनके लाडले को सात समंदर पार अजनबियों के बीच तड़पने के लिए छोड़ दिया।
सपनों की सौदेबाजी और रूह कांपने वाली प्रताड़ना
शिकायतकर्ता सुखविंद्र सिंह ने भर्राई आंखों से बताया कि आरोपी सतीश सिंह, गुरमेल सिंह उर्फ गैला और मजेन्द्र सिंह ने उनके बेटे अंकुश को सुनहरे भविष्य का झांसा दिया था। झांसा था— ‘अमेरिका की धरती और शानदार जिंदगी’। लेकिन हकीकत में अंकुश को एक देश से दूसरे देश की खाक छनवाई गई।
आरोपियों ने अंकुश को कई हफ्तों तक बंधक बनाकर रखा। उसका पासपोर्ट और पहचान के दस्तावेज छीन लिए गए। वह अनजान मुल्कों में बिना किसी सहारे के भूखा-प्यासा तड़पता रहा। पीछे हरियाणा में बैठा परिवार हर पल डर के साये में जी रहा था। ठग यहीं नहीं रुके, उन्होंने डरा-धमकाकर 7 लाख रुपये अतिरिक्त भी ऐंठ लिए।
पुलिस की कार्रवाई: सलाखों के पीछे ‘सपनों का सौदागर’
फतेहाबाद की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Cell) ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी गुरमेल सिंह उर्फ गैला (निवासी गांव हेलुआ, कुरुक्षेत्र) को गिरफ्तार कर लिया है। सेल प्रभारी निरीक्षक संदीप ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना सदर टोहाना में मामला दर्ज किया गया है।
एक संदेश: यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक सबक है जो अवैध रास्तों (Donkey Route) से विदेश जाने का जोखिम उठाते हैं। चंद पैसों के लालच में बैठे ये एजेंट आपके बच्चों की जान के साथ खेलते हैं।






