फतेहाबाद। कहते हैं कि अगर घर का भेदी ही लंका ढाने पर उतर आए तो कोई सुरक्षा काम नहीं आती। फतेहाबाद के अयाल्की स्थित जिला सहकारी बैंक में भी कुछ ऐसा ही ‘खेला’ हुआ। जिस कंधे पर बैंक की सुरक्षा का जिम्मा था, उसी ने बैंक की तिजोरी पर हाथ साफ कर दिया। बैंक के सुरक्षा गार्ड ने मास्टर चाबी के जरिए बड़ी सफाई से 10 लाख रुपये पार कर दिए, लेकिन पुलिस की जांच ने उसके होश उड़ा दिए।
न ताला टूटा, न शोर हुआ… गायब हो गए नोटों के बंडल
यह मामला 30 दिसंबर 2025 का है, जब बैंक मैनेजर सुरेश कुमार को पता चला कि तिजोरी से 500-500 रुपये के 20 पैकेट नदारद हैं। ताज्जुब की बात यह थी कि तिजोरी के साथ कोई छेड़छाड़ या तोड़फोड़ नहीं हुई थी। चोर ने ‘मास्टर-की’ का इस्तेमाल कर तिजोरी को ऐसे खोला जैसे वह खुद उसका मालिक हो।
छुट्टी पर था, पर दिमाग तिजोरी में लगा था
सदर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद की टीम ने जब बारीकी से तफ्तीश की, तो शक की सुई बैंक के सुरक्षा गार्ड अनिल (निवासी ढाणी ढोबा पर जाकर अटकी। जांच में जो खुलासा हुआ उसने सबको हैरान कर दिया:
अवकाश का फायदा: आरोपी अनिल उस दिन छुट्टी पर था, लेकिन उसने पहले से ही मास्टर चाबी का जुगाड़ कर लिया था।
शातिराना प्लानिंग: उसने गार्ड होने के नाते बैंक के चप्पे-चप्पे और चाबियों के सिस्टम को समझ रखा था।
लाखों की चपत: छुट्टी के दौरान बैंक पहुंचकर उसने तिजोरी खोली और पलक झपकते ही 10 लाख रुपये उड़ा लिए।
अब हवालात की ‘ठंडी हवा’ खा रहा है सुरक्षाकर्मी
पुलिस ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ धारा 316(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी किए गए नोटों के बंडल उसने कहाँ छिपाए हैं और क्या इस ‘सफाई’ वाले काम में कोई और भी उसका मददगार था।
”आरोपी ने बैंक के भरोसे का कत्ल किया है। गार्ड अनिल को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही चोरी की गई पूरी रकम बरामद कर ली जाएगी और इसमें शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।”
— प्रहलाद, प्रभारी निरीक्षक, थाना सदर फतेहाबाद






