टोहाना। अक्सर सरकारी दफ्तरों में फरियादी अफसरों की चौखट तक पहुंचने के लिए जद्दोजहद करते दिखते हैं, लेकिन टोहाना में शुक्रवार को एक ऐसा नज़ारा दिखा जिसने पुलिसिंग की परिभाषा ही बदल दी। विशेष जनसुनवाई के दौरान जब एक दिव्यांग अपनी ट्राइसाइकिल पर लड़खड़ाते हुए पहुंचा, तो पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर (IPS) ने पद का प्रोटोकॉल दरकिनार कर दिया। वे खुद अपनी कुर्सी से उठकर फरियादी के पास पहुंचीं, बड़े ही अपनत्व से उसका हालचाल पूछा और मौके से ही थाना प्रभारी को फोन घुमाकर दो-टूक आदेश दिया—“कार्रवाई तुरंत हो और मुझे सीधा फीडबैक मिले।”
:मुख्यालय के चक्करों से मिली मुक्ति:
टोहाना क्षेत्र की जनता को अपनी समस्याओं के लिए अब जिला मुख्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर की विशेष पहल के तहत हर शुक्रवार दोपहर 12 से 2 बजे तक पुराना डीएसपी कार्यालय (थाना सदर टोहाना) सीधा समाधान केंद्र बन रहा है। इस मुहिम का मकसद साफ है—जनता और पुलिस के बीच की दूरी को खत्म करना और न्याय को चौखट तक पहुंचाना।
:85 फरियादी पहुंचे, 30 शिकायतों पर तत्काल निर्देश:
शुक्रवार की जनसुनवाई में टोहाना क्षेत्र से करीब 85 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जहां कुल 30 औपचारिक शिकायतें दर्ज की गईं। जनसुनवाई में दिव्यांग शिकायतकर्ता राजकुमार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए मारपीट का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मौके से ही थाना सदर टोहाना प्रभारी को तत्काल नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित को संतुष्ट करते हुए उच्चाधिकारियों को एक्शन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया।
:कानून व्यवस्था ही नहीं, जनता का भरोसा जीतना भी पुलिस का फर्ज”:
एसपी निकिता खट्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक नागरिक से सम्मानजनक व मैत्रीपूर्ण व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की वास्तविक ताकत वर्दी में नहीं, बल्कि आमजन के उस भरोसे में है कि संकट के समय पुलिस उनके साथ खड़ी है। टोहाना में शुरू हुई यह पहल अब “जनता के बीच पुलिस, जनता के लिए पुलिस” के संकल्प को धरातल पर साबित कर रही है।
साहब’ नहीं, हमदर्द बनीं IPS निकिता खट्टर: टोहाना जनसुनवाई में दिव्यांग की पीड़ा सुन पसीजा दिल, SHO को तुरंत कार्रवाई की दो-टूक





