Saturday, October 31, 2026
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‘साहब’ बनकर डरा रहे, ‘लॉटरी’ का लालच देकर फंसा रहे; सोशल इंजीनियरिंग और फिशिंग से रहें सावधान,एक क्लिक में खाता हो सकता है साफ:एसपी

फतेहाबाद। “बधाई हो, आपकी 25 लाख की लॉटरी लगी है!” या “तुरंत KYC कराएं, वरना बैंक खाता 2 घंटे में बंद!”… अगर आपके मोबाइल पर भी ऐसे मैसेज या कॉल आ रहे हैं, तो संभल जाइए। यह कोई बैंक या कंपनी नहीं, बल्कि डिजिटल जालसाज हैं जो आपकी जेब खाली करने के लिए जाल बिछाए बैठे हैं। फतेहाबाद की पुलिस अधीक्षक (SP) निकिता खट्टर, IPS ने साइबर अपराधियों के ‘फिशिंग’ और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ जैसे खतरनाक पैंतरों को लेकर जनता के लिए सख्त चेतावनी और एडवाइजरी जारी की है।
SP निकिता खट्टर ने बताया कि साइबर ठग अब सीधे सेंध लगाने के बजाय दिमाग से खेल रहे हैं:
फिशिंग का फर्जीवाड़ा: ठग हूबहू असली जैसे दिखने वाले बैंक, सरकारी पोर्टल या ई-कॉमर्स साइट्स के लिंक WhatsApp और SMS पर भेजते हैं। यूजर ने जैसे ही पासवर्ड या OTP डाला, समझो खाता खाली।
सोशल इंजीनियरिंग का दिमागी खेल: इसमें ठग खुद को पुलिस अफसर, CBI एजेंट, बैंक मैनेजर या मुसीबत में फंसा रिश्तेदार बताकर पहले विश्वास जीतते हैं या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर गोपनीय जानकारी चुरा लेते हैं।
:ठगों के 4 सबसे बड़े हथियार:
बिजली कटने, सिम ब्लॉक होने या KYC पेंडिंग का डर दिखाना।
वर्क-फ्रॉम-होम, पार्ट-टाइम जॉब और लॉटरी का चमकीला लालच।
पुलिस या बैंक अधिकारी बनकर धमकाना।
सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर दोस्तों और रिश्तेदारों से ‘इमरजेंसी’ के नाम पर पैसे मांगना।
:ठगी से बचने का फुलप्रूफ फॉर्मूला:
किसी भी अनजान, संदेहास्पद लिंक या APK फाइल पर क्लिक करने की गलती न करें।
गांठ बांध लें—कोई भी बैंक, पुलिस या संस्था कभी फोन पर पासवर्ड, CVV या OTP नहीं मांगती।
सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य रूप से चालू रखें।
अपनी निजी जानकारियां (घर का पता, जन्मदिन, यात्रा प्लान) पब्लिक प्लेटफॉर्म पर शेयर न करें।
शिकार हो गए तो क्या करें?
यदि किसी वजह से ठगी का शिकार हो जाएं, तो घबराएं नहीं। तुरंत गोल्डन ऑवर (पहले घंटे) में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर डायल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही अपने बैंक को सूचित कर कार्ड/खाता ब्लॉक करवाएं और नजदीकी साइबर थाने में रिपोर्ट दें।
“साइबर अपराधियों की चालाकी से बचने का सबसे अचूक हथियार आपकी जागरूकता है। किसी भी लालच या डर वाले कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें—पहले जांचें, फिर कदम उठाएं।”
— निकिता खट्टर, IPS, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद

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