– जेबों में ‘मौत का सामान’ लेकर घूम रहे थे 21 और 8 मुकदमों के ‘खिलाड़ी’, पुलिस ने बिगाड़ा खेल
रतिया (फतेहाबाद): जिले की सड़कों पर अवैध हथियारों का रौब झाड़ने निकले दो शातिर बदमाशों का दांव उस वक्त उलटा पड़ गया जब उनका सामना रतिया पुलिस की गश्ती टीमों से हो गया। एक ने पुलिस की गाड़ी देखते ही हड़बड़ाहट में कार भगाने की कोशिश की तो ऐन वक्त पर गाड़ी ने धोखा दे दिया और बंद हो गई, वहीं दूसरा पेड़ के पीछे छिपने की फिराक में धरा गया। सीआईए रतिया और थाना शहर पुलिस ने दो अलग-अलग नाकेबंदियों में दोनों को धर दबोचा। तलाशी ली गई तो दोनों की जेबों से 2 देशी पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए। मौके से एक हुंडई आई-10 (Hyundai i10) कार भी जब्त की गई है।
पहली कार्रवाई: पुलिस देख भागी कार अचानक हुई बंद, जेब से निकला .32 बोर पिस्तौल
डीएसपी रतिया कुलवंत सिंह के अनुसार पहली सफलता सीआईए रतिया टीम को मिली। टोहाना रोड बाईपास स्थित घग्घर नदी के पास पुलिस गश्त पर थी, तभी बुढलाडा रोड की तरफ से आ रही एक आई-10 कार (HR10R-9989) का चालक पुलिस को देखकर हड़बड़ा गया। उसने गाड़ी को तेजी से टोहाना बाईपास की तरफ मोड़ना चाहा, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और कार बंद हो गई। शक के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चालक को काबू किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान बब्बू उर्फ पोपल (निवासी वार्ड-4, पुरानी गौशाला मोहल्ला, रतिया) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की जेब से एक 32 बोर देशी पिस्तौल और मैगजीन से 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
दूसरी कार्रवाई: पेड़ की आड़ में छिप रहा था शातिर नितिश, .315 बोर कट्टा जब्त
दूसरी कार्रवाई में थाना शहर रतिया पुलिस की टीम फतेहाबाद रोड पर सुखमणी नहर ब्रांच के पास तैनात थी। वहां पुलिस की गाड़ी देखकर एक युवक घबरा गया और बचने के लिए पेड़ की आड़ में छिपने लगा। जवानों ने तुरंत घेरा डालकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम नितिश (निवासी वार्ड-12, अरोड़ा कॉलोनी, रतिया) बताया। उसकी जींस की जेब की तलाशी लेने पर एक .315 बोर का देशी पिस्तौल और 1 जिंदा कारतूस मिला।
क्राइम कुंडली: एक पर हत्या के प्रयास सहित 21, दूसरे पर 8 गंभीर मुकदमे दर्ज
पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है:
बब्बू उर्फ पोपल: आरोपी के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, एनडीपीएस (NDPS), रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कुल 21 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
नितिश: आरोपी के खिलाफ मारपीट, छीना-झपटी, रंगदारी और बीएनएस व आर्म्स एक्ट के तहत 8 मामले दर्ज हैं।
डीएसपी कुलवंत सिंह ने स्पष्ट किया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नए केस दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अब रिमांड लेकर यह पता लगा रही है कि ये अवैध हथियार कहां से खरीदे गए थे और इनका इस्तेमाल किस वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।





